Friday, September 20, 2013

नि:शक्तों को लुभाने में जुटी सरकार


-सरकारी महकमों मे नौकरी देने की कवायद हुई तेज
जागरण ब्यूरो, लखनऊ : लोकसभा चुनाव की आहट और छलांग लगाती महंगाई पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने भले ही भर्तियों पर रोक लगा दी है, लेकिन राज्य सरकार ने इससे इतर भर्तियों का पिटारा खोलने का निर्णय किया है।
दरअसल, यह कवायद सरकारी महकमों में डेढ़ दशक से खाली चल रहे नि:शक्तों के पदों को भरने के उद्देश्य से शुरू की गई है। सरकार छह माह के अंदर विभिन्न महकमों में 3500 नि:शक्तों को नौकरी देगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि 455 नि:शक्तों को लोक सेवा आयोग के माध्यम से होने वाली भर्ती प्रक्रिया के तहत साहब बनने का भी मौका मिलेगा। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने सभी पदों को छह माह में भरने की समय सीमा तय की है। उच्चाधिकारियोंसे कहा गया है कि तय सीमा में भर्ती प्रक्रिया पूरी कर सूचित करें। विदित हो कि पिछले दिनों नि:शक्तों के खाली पदों को भरने में सरकार की सुस्ती पर हाईकोर्ट ने भी नाराजगी जताई थी।
मॉनीटरिंग कमेटी रखेगी नजर : शासन ने भर्ती प्रक्रिया को तय अवधि में पूरा करने के लिए विकलांग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता पांच सदस्यीय मॉनीटरिंग कमेटी का गठन किया है। कमेटी में न्याय, कार्मिक और वित्त के सचिव को सदस्य, जबकि विशेष सचिव विकलांग कल्याण को संयोजक सदस्य नामित किया गया है।
कहां कितने पद हैं खाली : पंचायती राज-819, राजस्व-164, समाज कल्याण-22, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि-2, बेसिक शिक्षा-221, चिकित्सा शिक्षा-66, वन-17, श्रम 14, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास-53, वाणिज्यकर- 22, प्राविधिक शिक्षा 19, लघु उद्योग-7, नगर विकास-113, होमगार्ड- 16, न्याय-10, लघु सिंचाई 28, विकलांग कल्याण-2 खाली पद नि:शक्तों के चिह्नित किए जा चुके हैं। इसके अलावा शासन ने अन्य महकमों को तत्काल नि:शक्तों के खाली पदों को चिह्नित कर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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