Tuesday, November 18, 2014

प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को अवमानना नोटिस

जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा हीरालाल गुप्ता व अन्य 6 अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर 19 दिसंबर को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया, क्यों न उनके विरुद्ध आरोप निर्धारण किया जाए। कोर्ट में हाजिर होने के लिए इन सभी अधिकारियों को सरकारी खजाने से टीए, डीए का भुगतान न करने का निर्देश भी दिया गया है। कोर्ट ने कहा है कि आदेश पालन करने की दशा में अनुपालन रिपोर्ट के साथ हलफनामा दाखिल किया जाए।

सड़क पर उतरे छात्र, आमरण अनशन शुरू

जासं, इलाहाबाद : कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) पुनर्परीक्षा 2013 के परिणाम को लेकर आक्रोशित प्रतियोगी छात्र सोमवार को सड़क पर उतर आए। एसएससी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले छात्रों ने कार्यालय का घेराव किया और यहां सड़क जाम कर आमरण अनशन शुरू कर दिया। दिनभर सड़क जाम से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए, लेकिन छात्र बिना ठोस वादे के हटने को तैयार नहीं हैं। क्षेत्रीय निदेशक की बात मानने से प्रतियोगियों ने इनकार कर दिया है।

छात्रवृत्ति: बची धनराशि विभाग को वापस करें बैंक

मैनपुरी : दशमोत्तर ऑनलाइन छात्रवृत्ति वर्ष 2013-14 में छात्र-छात्राओं ने बैंकों में खोले खाते गलत होने के कारण बैंकें इस धनराशि को विभाग में वापस कर दें, ताकि धनराशि का दुरुपयोग नहीं हो सके।

परीक्षाफल में देरी पर छात्र आंदोलित


आजमगढ़ : बीटीसी सत्र 2012-13 का प्रथम सेमेस्टर का परीक्षाफल विलंब होने को लेकर छात्र आंदोलित हैं। इसे लेकर सोमवार को छात्रों ने डायट कार्यालय पर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।

Monday, November 17, 2014

72825 Bharti Court Update from Facebook Gallery

 Kapildev Yadav: 1:35pm Nov 15
सुभ संध्या मित्रो-
मित्रो सुप्रीमकोर्ट में पड़ी सभी याचिकाओ को फ़ाइनल हियरिंग के लिए 18 नवम्बर 2014 की डेट लग गई है| सभी मित्रो को बताना चाहता हूँ की हम इस डेट पर अधिवक्ता को खड़ा करना अति आवश्यक है क्योकि हम साधना मिश्र की हाईकोर्ट लखनऊ में पड़ी याचिका को या तो सुप्रीमकोर्ट में सीधे मगवाने के लिए कोर्ट से कहेगे क्योकि सुप्रीमकोर्ट ने ही इस याचिका को हाईकोर्ट में सुने जाने का आदेश दिया था| हम सभी अकेडमिक साथियों को विश्वास दिलाते है

अब माध्यमिक शिक्षा में भी टेट कंपल्सरी हो सकता है ?

पहले अग्नि परीक्षा फिर बनेंगे माध्यमिक शिक्षक
कानपुर, जागरण संवाददाता :
प्राइमरी स्कूलों के बाद अब माध्यमिक स्कूलों में भी पात्रता परीक्षा के जरिए ही शिक्षकों की नियुक्ति होगी। कक्षा छह से 12वीं तक के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) ने पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किए जाने के संकेत दिए हैं। एनसीटीई इसका खाका तैयार कर रही है। 
चेयरमैन प्रोफेसर संतोष पांडा ने शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने को इस परीक्षा को महत्वपूर्ण बताया है।

प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों 40 हजार शिक्षकों की जरूरत

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री व मारवाड़ी इंटर कॉलेज के प्रवक्ता प्रवीण दीक्षित बताते हैं कि योग्य शिक्षकों के जरिए कॉलेजों में उनकी कमी पूरा किए जाने की जो योजना बनाई जा रही है वह छात्रों के हित में होगी। इसमें कोई दो राय नहीं है कि पात्रता परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद जो शिक्षक आएंगे, वह योग्य होंगे।
एक नजर में प्रदेश के माध्यमिक स्कूल :
  • - सरकारी व सहायता प्राप्त : करीब सात हजार।
  • - कानपुर में सरकारी व सहायता प्राप्त : 121।
  • - इन स्कूलों में करीब 75 हजार शिक्षक अध्यापन कार्य कर रहे हैं।
  • - अभी करीब 40 हजार शिक्षकों की और जरूरत है।
  • - 80 फीसद स्कूल ऐसे हैं जिनमें स्थाई प्रधानाचार्य नहीं है।

2011 की टीजीटी-पीजीटी पहले कराने पर अड़े प्रतियोगी

जासं, इलाहाबाद : टीजीटी-पीजीटी संघर्ष मोर्चा ने फिर 2011 की परीक्षा पहले कराने का राग छेड़ा है। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि इससे जूनियर छात्रों का भला होगा। साथ ही माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को भी कुछ सुझाव दिए हैं। शहर के चंद्रशेखर आजाद पार्क में रविवार को प्रतियोगी छात्रों की बैठक हुई। इसमें सभी ने एक स्वर से कहा कि 2011 की परीक्षा पहले होनी चाहिए। साथ ही परिणाम आने से पहले की-आंसरशीट भी जारी की जाए। परीक्षा के समय ह्वाइटनर का प्रयोग वर्जित हो। परीक्षा के साथ कार्बन कापी भी उपलब्ध कराई जाए। छात्रों ने कहा कि पीजीटी की परीक्षा व साक्षात्कार पहले हो, ताकि टीजीटी की सीट खाली न रहे। छात्रों ने बोर्ड के समक्ष सभी मांगें रखी हैं। यहां पर टीजीटी-पीजीटी संघर्ष मोर्चा 2013 के सदस्य दीपांकर वर्मा, धर्मराज सिंह, अजय सिंह, अंकुर सिंह, अमरेंद्र सिंह, जय सिंह, स्वतंत्र श्रीवास्तव, कृष्ण गोपाल, सुधीर वर्मा, संपूर्णानंद आदि मौजूद थे।